CG Vyapam Lecturer Recruitment 2026: छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर निकली भर्ती

 CG Vyapam Lecturer Bharti 2026: छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर निकली भर्ती। ऑनलाइन आवेदन, विषयवार पद, परीक्षा तिथि व नोटिफिकेशन देखें।

CG Vyapam Lecturer Bharti 2026: छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ई एवं टी संवर्ग की शासकीय शालाओं में व्याख्याता (Lecturer) के कुल 854 पदों पर सीधी भर्ती हेतु संक्षिप्त विज्ञापन जारी कर दिया गया है।

सीजी व्यापम लेक्चरर भर्ती 2026 | CGSSB CG Vyakhyata Bharti 2026

CG Vyapam Lecturer Bharti 2026: लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर व्याख्याता (हिन्दी), व्याख्याता (अंग्रेजी), व्याख्याता (संस्कृत), व्याख्याता (भौतिकी), व्याख्याता (राजनीति शास्त्र), व्याख्याता (इतिहास), व्याख्याता (भूगोल) एवं व्याख्याता (अर्थशास्त्र) के रिक्त पदों पर लिखित भर्ती परीक्षा (LSL 26) के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र CGSSB छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल (पूर्व नाम छ.ग. व्यापम) की वेबसाईट पर आमंत्रित किये गये है। विज्ञापित पदों के लिये आवश्यक शैक्षणिक अर्हताएँ, आयु सीमा, आरक्षण एवं अन्य महत्वपूर्ण निर्देश निम्नानुसार है :

CG Vyapam Lecturer Bharti 2026: संक्षेप में विवरण

विभाग का नामस्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन
नियुक्तिकर्ता प्राधिकारीसंचालक, लोक शिक्षण छत्तीसगढ़
परीक्षा आयोजकछत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल (CG व्यापमं)
पद का नामव्याख्याता (Lecturer)
कुल रिक्त पद854 पद
आयु सीमा (01.01.2026 को)21 वर्ष से 35 वर्ष (आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट)
आवेदन का माध्यमऑनलाइन (Online)
लिखित परीक्षा तिथि (संभावित)29.11.2026
ऑफिशियल वेबसाइटvyapamcg.cgstate.gov.in

विषयवार रिक्तियों का विवरण (Subject-wise Vacancy Details)

क्र.विषय का नामकुल पद
1हिन्दी120
2अंग्रेजी120
3संस्कृत120
4भौतिकी (Physics)94
5राजनीति शास्त्र (Political Science)100
6इतिहास (History)100
7भूगोल (Geography)100
8अर्थशास्त्र (Economics)100
कुल पदों का योग:854
विशेष: उपरोक्त सभी पदों की शैक्षणिक अर्हताएं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं और माननीय न्यायालयों द्वारा पारित निर्णयों के अनुक्रम में मान्य की जावेगी।

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